शौक़ अच्छा नहीं दवा का भी
नाम लेते रहो ख़ुदा का भी
मानते हो ख़ुदा उसी को अगर
तो न होगा असर दुआ का भी
तुम मोहब्बत में हार जाओगे
'इश्क़ है खेल बेवफ़ा का भी
वो इसी शहर में रहा पहले
शहर हक़दार है सज़ा का भी
तुम मुझे उसका नाम मत पूछो
नाम लेते नहीं बला का भी
हर किसी के हज़ार आशिक़ है
दौर अब जा चुका वफ़ा का भी
उसकी ख़ातिर न बेच ख़ुद को तू
ऐ भुवन ध्यान रख अना का भी
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