शैतान तो नहीं है कि तुमको बुरा लगे
हाँ इतना बेहतरीन नहीं जो ख़ुदा लगे
हर रोज़ रहता है नए जिस्मों के बीच वो
ये कैसा शौक़ है हमें भी तो पता लगे
क्या इतना तन्हा लगता हूॅं मैं महफ़िलों में भी
गर ऐसा है तो कोई गले मेरे आ लगे
इतना न याद आ कभी तो भूल जाने दे
जानाँ कभी तो दिल मिरा तेरे बिना लगे
ये आजकल का 'इश्क़ भी नासूर हो गया
ये ऐसा ज़ख़्म ही नहीं जिस पर दवा लगे
तू ही बना रहा है मोहब्बत को ज़िंदगी
तुझ जैसा शख़्स तो यहाँ सबको गधा लगे
मुझ पर कोई असर नहीं होता दवाओं का
मैं तो मरीज़-ए-इश्क़ हूँ मुझको दुआ लगे
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