सुधरने के लिए इक और साल लेना हैये इश्क़ दिल से मगर अब निकाल लेना हैमेरे हो तुम यही बस सोच कर जिया अब तकअब आगे ऐसा ही इक वहम पाल लेना है— Bhuwan Singh