Meaning of

क़जा

qaja • قضا

भाग्य; नियति; मृत्यु

fate; destiny; death

قسمت; مقدر; موت

Arabic

शायद क़ज़ा ने मुझ को ख़ज़ाना बना दिया ऐसा नहीं तो क्यूँँ मुझे दफ़ना रहे हैं लोग — Zubair Ali Tabish
ख़ुदा जाने किस किस की ये जान लेगी वो क़ातिल अदा वो क़ज़ा महकी महकी — Hasrat Jaipuri
हसीन लड़की से दिल लगाना भी इक ख़ता है मुझे पता है अगर सज़ा में मिले क़ज़ा तो अलग मज़ा है मुझे पता है — Jatin shukla
बड़ी तलाश से मिलती है ज़िंदगी ऐ दोस्त क़ज़ा की तरह पता पूछती नहीं आती — Shanul Haq Haqqee
उन रस भरी आँखों में हया खेल रही है दो ज़हर के प्यालों में क़ज़ा खेल रही है — Akhtar Shirani
शौक़ से चलता क़ज़ा साथ अब तिरे मैं ज़िंदगी के कुछ उधार अब भी हैं बाक़ी — Manish Yadav
माँ की करते हुए ख़िदमत मुझे आ जाए क़ज़ा ऐ ख़ुदा एक ये बेटे की दुआ है तुझ सेे — ''Akbar Rizvi"

क़जा अनिवार्यता का भार वहन करती है। कविता में, यह अक्सर भाग्य की अपरिहार्यता और मृत्यु की अंतिमता का प्रतीक है। यह ब्रह्मांडीय व्यवस्था के प्रति समर्पण की भावना को जागृत करता है।

कवि 'क़जा' का उपयोग भाग्य और मृत्यु के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह अक्सर जीवन की क्षणभंगुर प्रकृति पर एक प्रतिबिंब है। यह नियंत्रण के विचार के विपरीत, स्वीकृति पर जोर देता है।

क़जा जीवन की अस्थिरता की एक गंभीर याद दिलाती है। यह हमें उन रास्तों पर विचार करने के लिए आमंत्रित करती है जिन्हें हम चलते हैं और उन भाग्यों को अपनाते हैं।