Meaning of

क़ाफ

qaf • قاف

क़ाफ; क अक्षर; फारसी पौराणिक कथाओं में एक पर्वत

qaf; the letter Q; a mountain in Persian mythology

قاف; ق حرف; فارسی اساطیر میں ایک پہاڑ

Arabic

ज़िंदगी यूँँ हुई बसर तन्हा क़ाफ़िला साथ और सफ़र तन्हा — Gulzar
हम-सफ़र चाहिए हुजूम नहीं इक मुसाफ़िर भी क़ाफ़िला है मुझे — Ahmad Faraz
क़फ़स उदास है यारों सबास कुछ तो कहो कहीं तो बहर-ए-ख़ुदा आज ज़िक्र-ए-यार चले — Faiz Ahmad Faiz
राब्ता लाख सही क़ाफ़िला-सालार के साथ हम को चलना है मगर वक़्त की रफ़्तार के साथ — Qateel Shifai
मेरे शाइ'र! मैं वही हुस्ने-दिलावेज़, जिसे चाहने वाले बहुत, जानने वाले कम हैं — Subhan Asad
सर-ज़मीन-ए-हिंद पर अक़्वाम-ए-आलम के 'फ़िराक़' क़ाफ़िले बसते गए हिन्दोस्ताँ बनता गया — Firaq Gorakhpuri
हम क़ाफ़िले से बिछड़े हुए हैं मगर 'नबील' इक रास्ता अलग से निकाले हुए तो हैं — Aziz Nabeel
ज़ब्त करता हूँ तो घुटता है क़फ़स में मिरा दम आह करता हूँ तो सय्याद ख़फ़ा होता है — Qamar Jalalvi

क़ाफ, अरबी लिपि में एक अक्षर, फारसी पौराणिक कथाओं में एक पौराणिक पर्वत के रूप में एक रहस्यमय स्थान रखता है जो दुनिया को घेरता है। कविता में, यह अप्राप्य, ज्ञात और अज्ञात की रहस्यमय सीमाओं का प्रतीक है।

कवि रहस्य और अप्राप्य के विषयों का पता लगाने के लिए क़ाफ का आह्वान करते हैं। यह दूर के सपनों और उत्कृष्टता की खोज के लिए एक रूपक के रूप में कार्य करता है।

क़ाफ अज्ञात की अनन्त खोज का काव्यात्मक प्रतीक है।