Meaning of

मता-ए-जाँ

mataa-e-jaan • متاع جاں

आत्मा का खज़ाना; प्रिय संपत्ति

treasure of the soul; beloved possession

روح کا خزانہ; محبوب متاع

Persian

हमारा इश्क़ सच्चा था सो हम पर
मता-ए-जाँ बिछड़ना लाज़िमी था

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ये तेरे ख़त ये तेरी ख़ुशबू ये तेरे ख़्वाब-ओ-ख़याल
मता-ए-जाँ हैं तेरे कौल और क़सम की तरह

गुज़िश्ता साल मैं ने इन्हें गिनकर रक्खा था
किसी ग़रीब की जोड़ी हुई रक़म की तरह

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बहलाओगी खिलौनों से कब तक यूँँ अपना दिल
छोड़ो ये आओ इश्क़ करो तुम मता-ए-जाँ

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तुम आना जब मिरे दिन अच्छे हों मता-ए-जाँ
बुरा है वक़्त अभी और अच्छे दिन नहीं मालूम

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ये दूरियाँ तो रास्तों की हैं मता-ए-जाँ
कि नक़्शे में तो तुम बहुत क़रीब लगती हो

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मता-ए-जाँ रुख़-ए-अनवर तुम्हारा
फ़लक के चाँद से ज़्यादा हसीं हैं

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हमराह मेरे तुर्बत-ए-लैला-ओ-कैस का
आओ चलो तवाफ़ करो तुम मता-ए-जाँ

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ख़ताओं की मुआ'फ़ी चाहता हूँ
मता-ए-जाँ तुम्हारा नाम क्या है

अजब नश्शा हैं आँखों में तुम्हारी
नज़र भर देख लो तो जाम क्या है

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मता-ए-जाँ मेरे दिल के चमन में
कली इक इश्क़ की सुन खिल गई है

उसे पाकर मुझे ये लग रहा है
कि जैसे सारी दुनिया मिल गई है

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लिबास-ए-सुर्ख़ करो ज़ेब-ए-तन मता-ए-जाँ
लिबास-ए-सुर्ख़ में तुम इक गुलाब लगती हो

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हमारा इश्क़ सच्चा था सो हम पर
मता-ए-जाँ बिछड़ना लाज़िमी था

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ये तेरे ख़त ये तेरी ख़ुशबू ये तेरे ख़्वाब-ओ-ख़याल
मता-ए-जाँ हैं तेरे कौल और क़सम की तरह

गुज़िश्ता साल मैं ने इन्हें गिनकर रक्खा था
किसी ग़रीब की जोड़ी हुई रक़म की तरह

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'मता-ए-जाँ' वाक्यांश उस विचार को पकड़ता है जो किसी चीज़ या व्यक्ति को अत्यधिक प्रिय मानता है। यह एक ऐसी संपत्ति का सुझाव देता है जो भौतिक नहीं बल्कि गहराई से आध्यात्मिक है, एक खज़ाना जो हृदय के भीतर निवास करता है। कविता में, यह वाक्यांश उन गहरे संबंधों की खोज करता है जो हमारे अस्तित्व को परिभाषित करते हैं, जहां प्रियजन आनंद का स्रोत और रहस्यों का रक्षक दोनों होता है।

कवि 'मता-ए-जाँ' का उपयोग प्रेम और लगाव की गहराई को जागृत करने के लिए करते हैं। इसका उपयोग अक्सर किसी प्रियजन के अव्यक्त मूल्य को व्यक्त करने के लिए किया जाता है, यह पकड़ता है कि किसी को प्रिय मानने का क्या अर्थ है। यह वाक्यांश स्नेह की अधिक सतही अभिव्यक्तियों के विपरीत है, आत्मा के खज़ानों पर ध्यान केंद्रित करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'मता-ए-जाँ' हमारे दिलों के भीतर छिपे खज़ानों की याद दिलाता है। यह प्रेम के शाश्वत मूल्य और हमारे जीवन को परिभाषित करने वाले प्रिय बंधनों की बात करता है।