Meaning of

युद्ध

yuddh • یودھ

युद्ध; संग्राम

war; battle

جنگ; معرکہ

Sanskrit

मुरली छूटी शंख बजा रास तजा फिर युद्ध सजा क्या पीछे क्या आगे है सब कुछ राधे राधे है — Zubair Ali Tabish
कर्ण बनकर दोस्ती में कर रहे हैं पाप लेकिन हम युधिष्ठिर तो नहीं जो द्रौपदी पर दाँव खेलें — Gaurav Singh
एक दिन हम कर्ण भी बन जाएँ लेकिन मित्र कह कर कोई दुर्योधन पुकारे — Ashkrit Tiwari
धर्म के रस्ते पे चलिए धैर्य रखिए और फिर जीत कर लंका अयोध्या लौटिए आराम से — Atul K Rai
मन में पहले सौ युद्ध हुए जीते उन सेे तब बुद्ध हुए — Kumar Prem Pinaki

युद्ध संघर्ष और वीरता की छवियाँ प्रस्तुत करता है, शक्तियों और आदर्शों का टकराव। कविता में, यह अक्सर आत्मा के आंतरिक संघर्षों या मानवता के महान संघर्षों का प्रतीक होता है।

कवि 'युद्ध' का उपयोग संघर्ष और समाधान के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह योद्धाओं की वीरता या मानव हृदय के भीतर के उथल-पुथल को दर्शा सकता है।

युद्ध आंतरिक और बाहरी दोनों संघर्षों का शाश्वत प्रमाण है।