Meaning of

मता'-ए-जाँ

mata'-e-jaan • متاع جاں

जीवन का खजाना; अस्तित्व का सार

treasure of life; essence of existence

زندگی کا خزانہ; وجود کا جوہر

Persian

हमारा इश्क़ सच्चा था सो हम पर
मता-ए-जाँ बिछड़ना लाज़िमी था

1

Download Image

ये तेरे ख़त ये तेरी ख़ुशबू ये तेरे ख़्वाब-ओ-ख़याल
मता-ए-जाँ हैं तेरे कौल और क़सम की तरह

गुज़िश्ता साल मैं ने इन्हें गिनकर रक्खा था
किसी ग़रीब की जोड़ी हुई रक़म की तरह

74

Download Image

बहलाओगी खिलौनों से कब तक यूँँ अपना दिल
छोड़ो ये आओ इश्क़ करो तुम मता-ए-जाँ

2

Download Image

तुम आना जब मिरे दिन अच्छे हों मता-ए-जाँ
बुरा है वक़्त अभी और अच्छे दिन नहीं मालूम

2

Download Image

ये दूरियाँ तो रास्तों की हैं मता-ए-जाँ
कि नक़्शे में तो तुम बहुत क़रीब लगती हो

2

Download Image

मता-ए-जाँ रुख़-ए-अनवर तुम्हारा
फ़लक के चाँद से ज़्यादा हसीं हैं

1

Download Image

हमराह मेरे तुर्बत-ए-लैला-ओ-कैस का
आओ चलो तवाफ़ करो तुम मता-ए-जाँ

1

Download Image

ख़ताओं की मुआ'फ़ी चाहता हूँ
मता-ए-जाँ तुम्हारा नाम क्या है

अजब नश्शा हैं आँखों में तुम्हारी
नज़र भर देख लो तो जाम क्या है

1

Download Image

मता-ए-जाँ मेरे दिल के चमन में
कली इक इश्क़ की सुन खिल गई है

उसे पाकर मुझे ये लग रहा है
कि जैसे सारी दुनिया मिल गई है

1

Download Image

लिबास-ए-सुर्ख़ करो ज़ेब-ए-तन मता-ए-जाँ
लिबास-ए-सुर्ख़ में तुम इक गुलाब लगती हो

1

Download Image

हमारा इश्क़ सच्चा था सो हम पर
मता-ए-जाँ बिछड़ना लाज़िमी था

1

Download Image

ये तेरे ख़त ये तेरी ख़ुशबू ये तेरे ख़्वाब-ओ-ख़याल
मता-ए-जाँ हैं तेरे कौल और क़सम की तरह

गुज़िश्ता साल मैं ने इन्हें गिनकर रक्खा था
किसी ग़रीब की जोड़ी हुई रक़म की तरह

74

Download Image

यह वाक्यांश जीवन के अमूल्य और प्रिय पहलुओं का सुझाव देता है। कविता में, यह अक्सर प्रिय या मूल्यों का प्रतीक होता है जो जीवन को अर्थ और उद्देश्य देते हैं।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग जीवन में सबसे मूल्यवान चीज़ों को उजागर करने के लिए करते हैं, चाहे वह प्रेम हो, ज्ञान हो, या आध्यात्मिक पूर्ति हो। यह वास्तव में महत्वपूर्ण चीज़ों की याद दिलाता है।

जीवन का खजाना भौतिक संपत्ति में नहीं, बल्कि हृदय और आत्मा की समृद्धि में है।