dono dil kahte rahe bas ki dhadakna tha ha | दोनों दिल कहते रहे बस कि धड़कना था हमें

  - divya 'sabaa'

दोनों दिल कहते रहे बस कि धड़कना था हमें
हाँ ये सच है कि ज़माने ने सताया था हमें

यूँँ लगा आपकी आवाज़ ने टोका था हमें
जाने क्या वहम था किस वहम ने रोका था हमें

ख़ुद-फ़रेबी थी कि यकरंगी-ए-एहसास थी वो
आज हर चेहरे पे उस चेहरे का धोका था हमें

जैसे अब जी पे कोई बोझ नहीं हो बाक़ी
आँसुओं ने कभी इतना नहीं धोया था हमें

आज पहचान ले सीने से लगा ले हमको
ज़िन्दगी याद है तूने कभी खोया था हमें

अब तो साबित हुआ हम संग नहीं मिट्टी थे
तोड़ने वाले ने क्या सोच के तोड़ा था हमें

अब 'सबा' जान लो ये मौज-ए-बला-ए-ग़म है
जिसने बहते हुए दरिया में डुबोया था हमें

  - divya 'sabaa'

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