हसीना एक बचपन से हमारे दिल में रहती हैहमारी ज़िंदगी हम ने उसी के नाम कर दी हैअगर हम ये कहें तो बात सौ फ़ीसद सही होगीउसे चाहा उसे पूजा उसी की बंदगी की है— SAAGAR SINGH RAJPUT