itne kahaan hain mas'ale bolo bataane ke li.e | इतने कहाँ हैं मस'अले बोलो बताने के लिए

  - Manohar Shimpi

इतने कहाँ हैं मस'अले बोलो बताने के लिए
ख़ुशियाँ बहुत हैं और ग़म थोड़े ज़माने के लिए

मेरे ख़ुदा दुश्वार क्यूँँ होता सफ़र चलते हुए
अक्सर बिछड़ जाते सभी रोटी कमाने के लिए

मिलना हमें अच्छा लगे हैं हिज्र में मिलते तभी
मायूस हर कोई हुआ है दूर जाने के लिए

कैसे अमर सारे हुए हैं जंग में लड़ते हुए
मक़्तल बड़े छोटे कई हैं जाँ बचाने के लिए

क्यूँँ दोस्त मिलते रूठते अब तो 'मनोहर' कुछ कहो
रिश्ता बड़ा है दोस्ती का ही निभाने के लिए

  - Manohar Shimpi

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