टॉप 20 Rang Shayari

Rang shayari beautifully captures the colors of life, emotions, and relationships. From the bright hues of happiness to the subtle shades of memories, these verses reflect every ‘rang’ of zindagi. Whether it’s love, celebration, or inner feelings, rang shayari adds a vibrant touch to your words.

लहू वतन के शहीदों का रंग लाया है उछल रहा है ज़माने में नाम-ए-आज़ादी — Firaq Gorakhpuri
ग़ैर से खेली है होली यार ने डाले मुझ पर दीदा-ए-ख़ूँ-बार रंग — Imam Bakhsh Nasikh
तुम्हारी याद का रंग डाल कर के कहा तन्हाई ने होली मुबारक ! — Bhaskar Shukla
लब-ए-नाज़ुक के बोसे लूँ तो मिस्सी मुँह बनाती है कफ़-ए-पा को अगर चूमूँ तो मेहंदी रंग लाती है — Aasi Ghazipuri
रंग सारे फीके फीके ही लगेंगे मुझ को अब उन की आँखों का जो काला सुर्मा देखा है अभी — Harsh saxena
प्यादों के रंग अलग है मगर जाएँगे सभी शतरंज ख़त्म होने पे बक्से में एक ही — Maher painter 'Musavvir'
नश्शा-हा शादाब-ए-रंग-ओ-साज़-हा मस्त-ए-तरब शीशा-ए-मय सर्व-ए-सब्ज़-ए-जू-ए-बार-ए-नग़्मा है — Mirza Ghalib
फ़क़त रंग ही उन का काला नहीं है इसी क़िस्म की ख़ूबियाँ और भी हैं — Sarfaraz Shahid
ये रंग-ओ-नस्ल और तशद्दुद के सिलसिले दुश्मन की राहतों के सिवा और कुछ नहीं — Fatima wasiya jaayasi
तदबीर के दस्त-ए-रंगीं से तक़दीर दरख़्शाँ होती है क़ुदरत भी मदद फ़रमाती है जब कोशिश-ए-इंसाँ होती है — Hafeez Banarasi
अपने जैसी कोई तस्वीर बनानी थी मुझे मिरे अंदर से सभी रंग तुम्हारे निकले — Salim Saleem
होली के अब बहाने छिड़का है रंग किस ने नाम-ए-ख़ुदा तुझ ऊपर इस आन अजब समाँ है — Shaikh Zahuruddin Hatim
लुत्फ़ आता है बहुत सोच के मुझ को कि रक़ीब रंगत-ए-लब को तेरी पान समझते होंगे — Ameer Imam
लब हैं जैसे गुल सुमबुल रंग-ए-याक़ूती ख़ुद को मैख़ाना तितली का बना रखा है — ALI ZUHRI
आस्था का रंग आ जाए अगर माहौल में एक राखी ज़िंदगी का रुख़ बदल सकती है आज — Unknown
ये होली ईद कहती है भला कब अपने हाथों में वफ़ा का रंग होगा प्यार की पिचकारियाँ होंगी — Saleem Raza Rewa
हज़ार रंग में मुमकिन है दर्द का इज़हार तिरे फ़िराक़ में मरना ही क्या ज़रूरी है — Shuja Khawar