नाम बदले हैं तो सूरत भी बदलनी चहिएहम गरीबों की सहूलत भी सँवरनी चहिएवो जो सतवत के नशेड़ी हैं कई बरसों सेउन के ज़हनों से ये मय भी तो उतरनी चहिए— Nityanand Vajpayee