न राजा रहेगा न रानी रहेगी

फ़िज़ा में अधूरी कहानी रहेगी

भलाई बुराई भले ही मिटा दे
मगर ये लड़ाई पुरानी रहेगी

सुनो ध्यान से क्या नदी कह रही है
रहा साफ़ जल तो रवानी रहेगी

मिली नौकरी तब कहाँ जानते थे
बड़ी तेज़ अब ज़िंदगानी रहेगी

कहा फूल ने एक खिलती कली से
हमेशा न तेरी जवानी रहेगी

नशे का अगर साथ लेगी जवानी
सदा मौत के दरमियानी रहेगी

गुनाहों ज़मीं कह भी दे बेगुनाही
सज़ा तो मगर आसमानी रहेगी

चलो आज कह दूँ ग़ज़ल एक तुम पे
यही तो हमारी निशानी रहेगी

— Nitin Upadhye

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