न दौलत है न कारोबार साईं
मेरी दुनिया है मेरा प्यार साईं
मैं उस को धीरे धीरे जी रहा हूँ
मेरी साँसें हैं वो रुख़सार साईं
किसी टूटे हुए पत्ते की मानिंद
ज़मीं पे आ गिरा अय्यार साईं
मुझे जब से वो मिलने लग गए हैं
गुलों की हो गई बौछार साईं
मुहब्बत चार दिन की चाँदनी है
यहाँ सौ जन्म का अँधियार साईं
मुहब्बत कर के ऐसा लग रहा है
मुहब्बत कर के हूँ बेदार साईं
हमारे एक नाज़ुक दिल के ऊपर
ज़माने भर का अत्याचार साईं
मुझे मिलना हो तो फ़ुर्सत में मिलना
मैं रहता हूँ पस-ए-दीवार साईं
कई अच्छे भले ज़िंदा दिलों को
मुहब्बत ने किया मिस्मार साईं
शब-ए-फ़ुर्क़त में मेरे दिल के ऊपर
ग़मों की हो गई बौछार साईं
मैं अपनी हद से आगे आ गया हूँ
कि इस के आगे है मेयार साईं
ये दुनिया एक रंगीं मय-कदा है
यहाँ हम तुम हैं बादा-ख़्वार साईं
वो लड़का सूर्य था अपने समय का
मुहब्बत खा गई फ़नकार साईं
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