dil men KHvaahish hai taiba nagar jaayenge | दिल में ख़्वाहिश है तैबा नगर जाएँगे

  - SALIM RAZA REWA

दिल में ख़्वाहिश है तैबा नगर जाएँगे
उनकी चौखट पे रखने को सर जाएँगे

लौट कर हम न आएँगे वापस कभी
हुक्म-ए-रब से मदीना अगर जाएँगे

दर पे आक़ा मुझे भी बुला लीजिए
'इश्क़ में वर्ना घुट घुट के मर जाएँगे

उनकी आमद की जिस दम सुनेंगे ख़बर
राह में फूल बन के बिखर जाएँगे

जिनपे आक़ा की हो जाए नज़रें करम
उनके दामन मुरादों से भर जाएँगे

यह बता दीजिए हो के मायूस हम
छोड़ कर आपका दर किधर जाएँगे

हो गया जिनके ऊपर करम आपका
उनके बिगड़े मुक़द्दर सँवर जाएँगे

बे-ख़तर पुल सिराते जहन्नुम से भी
जो गुलाम-ए-नबी हैं गुज़र जाएँगे

आज मौक़ा' है तू भी रज़ा माँग ले
काम बिगड़े तेरे सब सँवर जाएँगे

  - SALIM RAZA REWA

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