ख़ुद को बर्बाद कई बार करूँँ मैं पहले
या उसे चाहूँ उसे प्यार करूँँ मैं पहले
उसकी ख़ामोश निगाहों ने जो बातें की है
दिल ये कहता है कि इज़हार करूँँ मैं पहले
तेरे हर काम में मैं हाथ बटाऊँ यानी
ख़ुद से ही ख़ुद को गुनहगार करूँँ मैं पहले
ज़ख़्म सिलने में कई ज़ख़्म दिए टाँकों ने
कौन से दर्द का इज़हार करूँँ मैं पहले
चोट खाया है मेरे जिस्म का हर इक हिस्सा
कौन से हिस्से को बीमार करूँँ मैं पहले
फिर तो मुमकिन ही नहीं कोई भी झगड़ा प्यारे
तू अगर चाहता है वार करूँँ मैं पहले
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