जिन जिन पे इनायत है जिन जिन से मोहब्बत हैउन चाहने वालों में मेरा भी शुमार आएफूलों को सजाया है पलकों को बिछाया हैऐ बाद-ए-सबा कह दे अब जान-ए-बहार आए— SALIM RAZA REWA