जिसे हम प्यार करते हैं उसे रुस्वा नहीं करते
हमारे दरमियाँ क्या है कभी चर्चा नहीं करते
तुम्हारे प्यार की ख़ुशबू हमेशा साथ रहती है
तुम्हारी याद के लश्कर मुझे तन्हा नहीं करते
उजाले बाँटते फिरते हैं जो दुनिया में लोगों को
किसी सूरत में वो ईमान का सौदा नहीं करते
जहाँ पर ख़ौफ़ के बादल हमेशा मुस्कुराते हैं
परिंदे ऐसी शाख़ों पर कभी बैठा नहीं करते
'रज़ा' सीने में जिनके नूर-ए-ईमाँ जगमगाता है
किसी मजबूर पर ज़ुल्म-ओ-सितम ढाया नहीं करते
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