jise ham pyaar karte hain use rusva nahin karte | जिसे हम प्यार करते हैं उसे रुस्वा नहीं करते

  - SALIM RAZA REWA

जिसे हम प्यार करते हैं उसे रुस्वा नहीं करते
हमारे दरमियाँ क्या है कभी चर्चा नहीं करते

तुम्हारे प्यार की ख़ुशबू हमेशा साथ रहती है
तुम्हारी याद के लश्कर मुझे तन्हा नहीं करते

 
उजाले बाँटते फिरते हैं जो दुनिया में लोगों को

किसी सूरत में वो ईमान का सौदा नहीं करते
जहाँ पर ख़ौफ़ के बादल हमेशा मुस्कुराते हैं

परिंदे ऐसी शाख़ों पर कभी बैठा नहीं करते 
'रज़ा' सीने में जिनके नूर-ए-ईमाँ जगमगाता है

किसी मजबूर पर ज़ुल्म-ओ-सितम ढाया नहीं करते

  - SALIM RAZA REWA

Subah Shayari

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