कैसा जुनून है ये कहाँ आ गई हूँ मैं
वो रास्ता कहाँ है जिधर से चली हूँ मैं
अब ये ख़ुदा ही जाने मुझे तो ख़बर नहीं
क्या खो गया है मेरा किसे ढूँढती हूँ मैं
आसार आ रहे हैं नज़र उस के आज कल
जिस हादसे से आज भी सहमी डरी हूँ मैं
हैरान कर रहा है बुरा वक़्त आज तक
जिस से गुज़र गई हूँ उसे देखती हूँ मैं
मालिक मिरे मुझे कोई अब रास्ता दिखा
अनजाने रास्तों पे बहुत चल चुकी हूँ मैं
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