जहाँ तू है वहाँ पर हर ख़ुशी है
मिरी जाँ तू बहार-ए-ज़िंदगी है
न जाने क्यूँँ मुझे भी लग रहा है
मोहब्बत से बड़ी शय दोस्ती है
बरस कर ख़ुश्क तू तो हो चुका है
मिरे लब पर अभी तक तिश्नगी है
तिरी तस्वीर को मैं देखता हूँ
तिरी तस्वीर मुझ को देखती है
अभी हाथों को मेरे छोड़ना मत
ज़रा सी देर की बस तीरगी है
मोहब्बत आप की दे कर ख़ुदा ने
कमी पैदाइशी पूरी करी है
हमारे ज़ख़्म का चारा नहीं है
हमारे पास केवल शाइरी है
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