मुझे दुनिया ये अब पागल बनाती है
मुझे माँ तू बहुत ही याद आती है
दुआ जो मेरे हक़ में की थी तू ने तब
मुझे सबकी नज़र से वो बचाती है
नहीं है कोई भी जो मुझ को समझेगा
मुझे माँ ख़्वाब में आ कर बताती है
हमेशा हौसलों को दीं उड़ानें फिर
ये क्यूँ दुनिया मज़ाक़ अब भी उड़ाती है
— Usman Saifi















