Ayush Gupta

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@Ayush_Gupta

Ayush Gupta shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Ayush Gupta's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

Ghazal

कहीं ये तुम्हारी ज़रूरत न निकले मुहब्बत ही निकले ये आदत न निकले जुदा हो गए हैं हक़ीक़त में हम तुम कहीं ये हक़ीक़त हक़ीक़त न निकले मुझे वो भुला दें भुलाना जो चाहें मिरे दिल से लेकिन मुहब्बत न निकले तसव्वुर में खोया रहूँ मैं तुम्हारे किसी तौर इतनी तो फ़ुर्सत न निकले मिरी ये दुआ है कहीं भी रहे तू कभी तेरे दिल से नदामत न निकले मुहब्बत का तुम को यक़ीं तो दिला दे मगर उस को तुम से मुहब्बत न निकले वो हैं साथ लेकिन मुझे तो ये डर है कहीं साथ उन का इनायत न निकले वो दुनिया हो या दश्त या एक कमरा कहीं भी रहूँ मैं ये वहशत न निकले — Ayush Gupta
लगी है इश्क़ की आदत मुझे तुम याद आती हो मुझे है इस सेे ही राहत मुझे तुम याद आती हो गुज़रती है मिरी शब भी तुम्हारे ही ख़यालों में सहर में ख़्वाब की सूरत मुझे तुम याद आती हो ज़माना ये समझ सकता नहीं हैं इश्क़ को अपने सभी को है यहाँ हैरत मुझे तुम याद आती हो हमें कर के जुदा भी ख़ुश नहीं हैं ये जहाँ वाले है इनको ये भी तो दिक़्क़त मुझे तुम याद आती हो किसी के हुस्न की चाहत न कोई ख़्वाब हो ता'बीर मुझे तो इस सेे है रग़बत मुझे तुम याद आती हो न कोई ग़म अगर रिश्ता मुकम्मल हो नहीं पाया ख़ुदा की ये भी है रहमत मुझे तुम याद आती हो तुम्हारा साथ हासिल है किसी को गर नसीबों से मिरी भी इतनी है क़िस्मत मुझे तुम याद आती हो — Ayush Gupta