हिन्दी
0
हिन्दी
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Leaderboard
Login
0
Home
Explore
Submit
Library
Profile
Top 10 of
Amir Ameer
NAZM
''चल आ एक ऐसी नज़्म कहूँ''
— Amir Ameer
10
GHAZAL
प्यार की हर इक रस्म कि जो मतरूक थी मैं ने जारी की इश्क़-लबादा तन पर पहना और मोहब्बत तारी की
मैं अब शहर-ए-इश्क़ में कुछ क़ानून बनाने वाला हूँ
Amir Ameer
9
GHAZAL
हुस्न तेरा ग़ुरूर मेरा था
सच तो ये है क़ुसूर मेरा था
Amir Ameer
8
GHAZAL
ये मेरा अक्स जो ठहरा तिरी निगाह में है
नहीं है प्यार तो फिर क्या तिरी सलाह में है
Amir Ameer
7
GHAZAL
ये लाल डिबिया में जो पड़ी है वो मुँह दिखाई पड़ी रहेगी
जो मैं भी रूठा तो सुब्ह तक तू सजी सजाई पड़ी रहेगी
Amir Ameer
6
GHAZAL
वो रूठी रूठी ये कह रही थी क़रीब आओ मुझे मनाओ
हो मर्द तो आगे बढ़ के मुझ को गले लगाओ मुझे मनाओ
Amir Ameer
5
GHAZAL
बजाए कोई शहनाई मुझे अच्छा नहीं लगता
मोहब्बत का तमाशाई मुझे अच्छा नहीं लगता
Amir Ameer
4
GHAZAL
इश्क़ मैं ने लिख डाला क़ौमीयत के ख़ाने में
और तेरा दिल लिखा शहरियत के ख़ाने में
Amir Ameer
3
GHAZAL
तुझ को अपना के भी अपना नहीं होने देना
ज़ख़्म-ए-दिल को कभी अच्छा नहीं होने देना
Amir Ameer
2
GHAZAL
अगर ये कह दो बग़ैर मेरे नहीं गुज़ारा तो मैं तुम्हारा
या उस पे मब्नी कोई तअस्सुर कोई इशारा तो मैं तुम्हारा
Amir Ameer
1
Zafar Iqbal
Anand Raj Singh
Aleena Itrat
Josh Malihabadi
Obaidullah Aleem
Nida Fazli
Aalok Shrivastav
Rajesh Reddy
Ibn E Insha
Saghar Siddiqui