हुस्न तेरा ग़ुरूर मेरा था
सच तो ये है क़ुसूर मेरा था
रात यूँ तेरे ख़्वाब से गुज़रा
कि बदन चूर चूर मेरा था
आइने में जमाल था तेरा
तेरे चेहरे पे नूर मेरा था
आँख की हर ज़बान पर कल तक
बोलने में उबूर मेरा था
उस की बातों में नाम मेरा न था
ज़िक्र बैनस्सुतूर मेरा था
एक ही वक़्त में जुनून-ओ-ख़िरद
ला-शुऊ'र-ओ-शुऊ'र मेरा था
— Amir Ameer















