Azhar Faragh

Azhar Faragh

@azhar-farag

Azhar Farag shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Azhar Farag's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

25

Content

26

Likes

381

Shayari
Audios
  • Sher(13)
  • Ghazal(13)

Sher

उसे कहो जो बुलाता है गहरे पानी में किनारे से बँधी कश्ती का मसअला समझे — Azhar Faragh
न भी चमके तो कोई बात नहीं तू तो वैसे ही सितारा है मुझे — Azhar Faragh
मेरी ख़्वाहिश है कि तुझे फूलों से फतह करूँ वरना ये काम तो तलवार भी कर सकती है — Azhar Faragh
तेरी शर्तों पे ही करना है अगर तुझ को क़ुबूल ये सुहूलत तो मुझे सारा जहाँ देता है — Azhar Faragh
मुझे लगा था वो टूटे फूलों का ग़म करेगा और उस ने ताज़ा उठा लिए हैं ख़राब रख कर — Azhar Faragh
ये नहीं देखते कितनी है रियाज़त किस की लोग आसान समझ लेते हैं आसानी को — Azhar Faragh
हाए वो भीगा रेशमी पैकर तौलिया खुरदुरा लगे जिस को — Azhar Faragh
मैं जानता हूँ मुझे मुझ से माँगने वाले पराई चीज़ का जो लोग हाल करते हैं — Azhar Faragh
दीवारें छोटी होती थीं लेकिन पर्दा होता था तालों की ईजाद से पहले सिर्फ़ भरोसा होता था — Azhar Faragh

Ghazal

कमी है कौन सी घर में दिखाने लग गए हैं चराग़ और अँधेरा बढ़ाने लग गए हैं ये ए'तिमाद भी मेरा दिया हुआ है तुझे जो मेरे मशवरे बेकार जाने लग गए हैं मैं इतना वादा-फ़रामोश भी नहीं हूँ कि आप मिरे लिबास पे गिर्हें लगाने लग गए हैं वो पहले तन्हा ख़ज़ाने के ख़्वाब देखता था अब अपने हाथ भी नक़्शे पुराने लग गए हैं फ़ज़ा बदल गई अंदर से हम परिंदों की जो बोल तक नहीं सकते थे गाने लग गए हैं कहीं हमारा तलातुम थमें तो फ़ैसला हो हम अपनी मौज में क्या क्या बहाने लग गए हैं नहीं बईद कि जंगल में शाम पड़ जाए हम एक पेड़ को रस्ता बताने लग गए हैं — Azhar Faragh