Puneet Mishra Akshat

Puneet Mishra Akshat

@mpuneetmishra

Puneet Mishra Akshat shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Puneet Mishra Akshat's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

नए बरस से मुहब्बत नहीं करेंगे हम किसी से इश्क़ में ये आख़िरी दिसंबर है — Puneet Mishra Akshat
तुम से बिछड़ कर और निखरने वाले हैं हम माँ की बाँहों में मरने वाले हैं — Puneet Mishra Akshat
कितने दर्द सहेजे हम ने,तब जा कर ये गीत लिखे हैं तुम क्या जानों इन नयनों की कितनी पीर पुरानी होगी — Puneet Mishra Akshat
एक बरस अब पूरा होने वाला है पिछले साल इसी मौसम में बिछड़े थे — Puneet Mishra Akshat
उस की आँखों से मैं लिपटा तो बिखर जाऊँगा इस लिए वो मुझे काजल नहीं होने देता — Puneet Mishra Akshat
किसी की याद में इतना रहा हूँ मिरी आँखों के आँसू मर गए हैं — Puneet Mishra Akshat

Ghazal

रक़ीबों की रियासत में सियासतदार होते हैं मैं जाता हूँ जहाँ पर ख़्वाब भी दुश्वार होते हैं नहीं भाती मुहब्बत की यहाँ पर दास्ताँ सब को जो आँखें चार हो जाएँ तो पहरेदार होते हैं महज़ सीधा-सा होता है वो रस्ता दिल में जाने का अगर हम आप के खुदके रियासतदार होते हैं यहाँ अब कौन करता है ज़माने में वफ़ा उल्फ़त यहाँ उल्फ़त के आड़े जिस्म के व्यापार होते हैं मुझे बीता हुआ अपना ज़माना याद आता है कहाँ फिर से वो बचपन के भला इतवार होते हैं तेरी तस्वीर अब भी मेरी आँखों में उभरती है यही अस्बाब से रुसवा सरे बाज़ार होते हैं — Puneet Mishra Akshat