salaam bhi qubool hai payaam bhi qubool hai | सलाम भी क़ुबूल है पयाम भी क़ुबूल है

  - Anis shah anis

सलाम भी क़ुबूल है पयाम भी क़ुबूल है
नवाज़िशें क़ुबूल इंतक़ाम भी क़ुबूल है

जो ग़म दिए हैं ज़िंदगी ने दी ख़ुशी भी तो बहुत
सहर क़ुबूल है मुझे तो शाम भी क़ुबूल है

भटकते दर-ब-दर तुम्हारे मयकदे में आ गए
सुकून की तलाश थी ये जाम भी क़ुबूल है

किया है मैंने फ़ैसला बिकूँगा मैं तेरे लिए
लगेगा जो भी मोल अब वो दाम भी क़ुबूल है

जो प्यार से पुकार कर अनीस तुमने कह दिया
ख़िताब है मेरे लिए ये नाम भी क़ुबूल है

  - Anis shah anis

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