aaina apne dil ka saaf kiya | आइना अपने दिल का साफ़ किया

  - Anis shah anis

आइना अपने दिल का साफ़ किया
जा तुझे मैने अब मुआफ़ किया

तेरी बातों का ए'तिराफ़ किया
तूने मुझ सेे ही इख़्तिलाफ़ किया

शब-ए-फ़ुर्क़त थी सर्द सो हमने 
वस्ल के ख़्वाब को लिहाफ़ किया

चाँद करता है ज्यूँ ज़मीं का तवाफ़
तेरे कूचे का यूँँ तवाफ़ किया
'इश्क़ से हमने आशनाई की
तूने बस ऐन शीन क़ाफ़ किया

इक परी-रू ने दिल में हो के मकीं
दिल मेरा जैसे कोह-ए-क़ाफ़ किया

करना थी जो नमाज़-ए-इश्क़ अदा
हमने सहरा में एति'काफ़ किया

ये सुकूँ एहतिजाज करने लगा
फ़ैसला दिल के क्यूँ खिलाफ़ किया

ना-उमीदी की तीरगी में 'अनीस'
एक उम्मीद ने शिगाफ़ किया

    

  - Anis shah anis

Eid Shayari

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