
भंवर में गोते लगा रहे हो बताओ साहिल कहाँ है प्यारे
थकान क़दमों से पूछती है तुम्हारी मंज़िल कहाँ है प्यारे
मैं बेबसी के अब उस मुहाने पे आ खड़ा हूँ कि कोई कह दे
कि जिस को शिद्दत से चाहते हो तुम्हारे क़ाबिल कहाँ है प्यारे
— Armaan khan
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