ज़रूरत है जो हम करते है शोहरत और होती है

तभी तो लोग कहते हैं कि दौलत और होती है

मैं थक कर बैठ जाता हूँ तो कहते हैं पिताजी ये
ये तो कुछ भी नहीं है सुन मुसीबत और होती है

लिए उस ने हज़ारों और आहिस्ता कहा मुझ से
कि ये तो सिर्फ़ नज़राना है रिश्वत और होती है

यहाँ तो सब ही राजा बन गए हैं एक राजा ला
समझ ये तो सियासत है रियासत और होती है

ग़ुलामी कर रहे हैं लोग तेरी डर के तुझ से याँ
हुकूमत करने वाले सुन हुकूमत और होती है

— Gulshan Panwar

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