मोहब्बत में फ़ना होने से पहले सोचते थे हम
कि अपने आप को ता'उम्र ही तन्हा रखेंगे हम
मिले छाते मुझे उनके घरों में भी जो कहते थे,
अगर बारिश हुई तो भीगने वालों में होंगे हम
बिछड़ने के इरादे से वो हम सेे मिलने आया था,
ख़ुशी किस बात की होती हमें क्यूँँ मुस्कुराते हम
बहुत आसान हो जाता जहाँ में एक-जुट रहना,
अगर हर आदमी के दर्द को अपना समझते हम
कहाँ हैं लोग जो हर ग़म के टल जाने पे कहते थे,
मुसलसल ज़िंदगी भर अब तुम्हारा साथ देंगे हम
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