उस का चेहरा याद नहीं
कुछ भी अच्छा याद नहीं
बैठ गया हूँ महफ़िल में
अपना लिक्खा याद नहीं
सोच रहा हूँ घंटों से
मुझ को क्या-क्या याद नहीं
फ़क़त बिछड़ना याद रहा
अव्वल मिलना याद नहीं
— jaani Aggarwal taak
कुछ भी अच्छा याद नहीं
बैठ गया हूँ महफ़िल में
अपना लिक्खा याद नहीं
सोच रहा हूँ घंटों से
मुझ को क्या-क्या याद नहीं
फ़क़त बिछड़ना याद रहा
अव्वल मिलना याद नहीं
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