अपने बुज़ुर्गो में खज़ाने हैं बहुतमिलने के उन से आस्ताने हैं बहुतसब को वहाँ ले के चलेंगे एक दिनजलते हुए दिल भी बुझाने हैं बहुत— Meem Alif Shaz