isliye main paas uske der tak thehra nahin tha | इसलिए मैं पास उसके देर तक ठहरा नहीं था

  - Kartik tripathi

इसलिए मैं पास उसके देर तक ठहरा नहीं था
बात थी पर बात करने का कोई ज़रिया नहीं था

मैं मना लेता उसे फिर बाँध कर अपनी क़सम में
पर कहानी-कार ने मज़मून ये लिक्खा नहीं था

ग़ैर को मैंने ठहरने की इज़ाज़त तो नहीं दी
फूल पर अब तितलियाँ बैठी नहीं ऐसा नहीं था

आपके लब आँख में अब रक़्स करते फिर रहे हैं
इस तरह भी आपको जाते हुए हँसना नहीं था

ज़िंदगी ने 'इश्क़ फिर छीना है दे के ये तसल्ली
ठीक था पर ये तिरे मेयार पे जँचता नहीं था

आपकी ही है सिफ़त ये अब मैं दफ़्तर जा रहा हूँ
पहले ये लड़का किसी की बात तक सुनता नहीं था

मौत पे जो रो रहे थे ये वही कुछ लोग थे जो
कल तलक कहते थे लड़का आपका अच्छा नहीं था

  - Kartik tripathi

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