dushmanon ko dost apna ab banaa lo tum | दुश्मनों को दोस्त अपना अब बना लो तुम

  - Lalit Mohan Joshi

दुश्मनों को दोस्त अपना अब बना लो तुम
दोस्त इस दुनिया में ऐसा रास्ता लो तुम

रूठ जाऍं गर कभी आपस में तो हम फिर
ईद होली को सभी मिलकर मना लो तुम

बात नफ़रत से कोई बनती कहाँ है अब
दिल से नफ़रत को यक़ीनन अब मिटा लो तुम

तुमको ख़ुद में मैं नज़र आता रहूँगा फिर
वहम के परदे को आँखों से हटा लो तुम

फिर पता किसको यहाँ आना न आने का
बन गए जो दोस्त तो रिश्ता निभा लो तुम

ओढ़कर ख़ुद अब मुहब्बत की ये चादर को
सबको हँस कर यूँँ गले अपने लगा लो तुम

  - Lalit Mohan Joshi

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