हमको दुनिया के आज़माने से पहले
हमको रुकना है इस नज़ारे से पहले
याद मेरी तुमको बहुत आएगी फिर
तुमको बोला था मैंने जाने से पहले
मैं खड़ा हूँ ग़म के समुंदर किनारे
देखना है मुझको डुबाने से पहले
इक घड़ी मैंने सोचकर ये ख़रीदी
जो बता देगी ग़म को आने से पहले
इक दवा मुझको चाहिए ज़ख़्म ख़ातिर
ज़ख़्म भी भरना है वो बढ़ने से पहले
दिल को पहले तो जिस्म को बाद मारा
बस बदन को ढोया यूँँ मरने से पहले
ये सुख़न-वर बेदर्द इक मौत पाए
ये दुआ कर दो यार जाने से पहले
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