जी ही जी में कई अहद-ए-वफ़ा करते-करतेजी ही जी में वो कई बार मुकरता होगाजाने किस ध्यान में बैठा हुआ होगा वो शख़्सजाने किन रंगों से कमरे को वो भरता होगा— MIR SHAHRYAAR