हाथ के छालों को हक़ मिलता ज़माने में कहाँचापलूसी ही मलाई मारती है बस यहाँपड़ गए ताले हैं मेहनतकश की क़िस्मत पर हुज़ूरबस चुगलख़ोरों के क़दमों में है ये सारा जहाँ— Nityanand Vajpayee