रिश्ते की दीवार भरोसा तोड़ा है
कर दी हर हद पार भरोसा तोड़ा है
उसने तो बस दोस्त कहा मुझको अपना
मैंने करके प्यार भरोसा तोड़ा है
तुम ख़ुद सोचो कुछ तो बात रही होगी
दीवाने ने यार भरोसा तोड़ा है
जितना बस में था उतना रोका ख़ुद को
थक कर आख़िर कार भरोसा तोड़ा है
'इश्क़ में दिल को जोड़े रखना मुमकिन नईं
फिर तुमने सरकार भरोसा तोड़ा है
As you were reading Shayari by Rohit tewatia 'Ishq'
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