वो मेरे साथ बस इतना रहेगा
मुझे तो लगता था लंबा रहेगा
मुबारक हो तुम्हें अपनी ये दौलत
ये सिक्का खोटा था खोटा रहेगा
मेरी दुनिया से कोई तो गया था
यही इक ग़म मुझे खाता रहेगा
करूँ कितना भी मैं सीना कुशादा
ख़ुदा का ख़ौफ़ तो बरपा रहेगा
अगर तू ही लकीरों से निकल जाए
भला इन हाथों में फिर क्या रहेगा
यक़ीनन तेरी पूरी ज़िंदगी में
'असद' के नाम का नुक्ता रहेगा
— Asad Khan















