इस चिलमन के पार नहीं देखा जाता
मुझ से वो गमख़्वार नहीं देखा जाता
जिस
में ख़ुशियाँ महँगी हों ग़म सस्ते हों
ऐसा भी बाज़ार नहीं देखा जाता
कितने बे-ग़ैरत हैं लोग कभी जिन से
लड़की का इनकार नहीं देखा जाता
जिन बच्चों को लेनी थी ता'लीम कभी
उन हाथों हथियार नहीं देखा जाता
शून्या अगले दिन की चिंता में जाए
मुझ से वो इतवार नहीं देखा जाता
— Shoonya Shrey















