जेब अगर जो ख़ाली है
तो हर रिश्ता हावी है
धोका तो देगी इक दिन
ये साँसों की गाड़ी है
हर ग़लती के आगे अब
तेरा बस इक सारी है
घर जाते डर लगता है
वो मुझ सेे फिर रूठी है
टूट गए जो हम तो क्या
पहली पहली बारी है
हल्के में यूँँ मत लेना
अब दुश्मन की पारी है
बाहरस राधे राधे
मन के अंदर पापी है
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