hamne socha ki kisi aur ko pukaara hogaa | हमने सोचा कि किसी और को पुकारा होगा

  - Aatish Indori

हमने सोचा कि किसी और को पुकारा होगा
आपको नाम कहाँ याद हमारा होगा

तुम दिलासा तो दिलाती हो मगर शक है मुझे
इस जहाँ में कोई और तुम सा ही प्यारा होगा

सोचना तुमको अगर मुझ सेे मुहब्बत है तो
और के साथ मेरा दिखना गवारा होगा

दिल तो कहता है मगर कैसे भरोसा कर लें
ख़ुद का जो हो नहीं पाया वो हमारा होगा

याद रखना कि मोहब्बत का समंदर है ये
पास दिखता है मगर दूर किनारा होगा

  - Aatish Indori

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