हमने सोचा कि किसी और को पुकारा होगा
आपको नाम कहाँ याद हमारा होगा
तुम दिलासा तो दिलाती हो मगर शक है मुझे
इस जहाँ में कोई और तुम सा ही प्यारा होगा
सोचना तुमको अगर मुझ सेे मुहब्बत है तो
और के साथ मेरा दिखना गवारा होगा
दिल तो कहता है मगर कैसे भरोसा कर लें
ख़ुद का जो हो नहीं पाया वो हमारा होगा
याद रखना कि मोहब्बत का समंदर है ये
पास दिखता है मगर दूर किनारा होगा
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