इस सफ़र पे थके-हारे भी नहीं चल सकते
दूसरे भाग्य के मारे भी नहीं चल सकते
दूर इतना है कि आवाज़ नहीं पहुँचेगी
धुँध इतनी कि इशारे भी नहीं चल सकते
साथ उसके चला यह बात बड़ी है 'आतिश'
चाँद के साथ सितारे भी नहीं चल सकते
As you were reading Shayari by Aatish Indori
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