माना कि धागे पक्के हैं कच्चे नहींकॉलेज के रिश्ते मगर टिकते नहींख़ूब-अच्छे से ये बात सुन ले हर कोईहम मुफ़्त मिल सकते हैं पर सस्ते नहीं— Aatish Indori