vahii jo log bahut naamcheen hote hain | वही जो लोग बहुत नामचीन होते हैं

  - Ankit Yadav

वही जो लोग बहुत नामचीन होते हैं
वो सोचती है कि सहरा-नशीन होते हैं

सुना है दिन तो नुमाइश में बीत जाता है
सुना है रात ने जंगल हसीन होते हैं

हम ऐसे लोग कि वो मुस्कुरा के देख भी ले
फिर उस के सामने जैसे मशीन होते हैं

पता करूँँगा कि मैं कार-ए-इश्क़ में कितने
वफ़ा के रास्तों से पुर-यक़ीन होते हैं

वो जिस लिहाज़ से दुश्मन समझ रही है हमें
हम उस लिहाज़ से तो वुल्वरीन होते हैं

तुम्हारे शहरस उकता नहीं रहा है जो दिल
तुम्हारे शहर में क्या सब हसीन होते हैं

  - Ankit Yadav

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