पता चलते नहीं कुछ राज़ इस के
लगे दिल का कोई हमराज़ होना
ख़ुशी का फिर ज़माना लौट आए
है लाज़िम दौर का आगाज़ होना
करो गर इश्क़ तो इतना समझ लो
ज़रूरी है तुम्हें जाँ-बाज़ होना
कहाँ से सीख ली तरक़ीब तुम ने
ज़रा सी बात पर नाराज़ होना
— Aniket sagar
लगे दिल का कोई हमराज़ होना
ख़ुशी का फिर ज़माना लौट आए
है लाज़िम दौर का आगाज़ होना
करो गर इश्क़ तो इतना समझ लो
ज़रूरी है तुम्हें जाँ-बाज़ होना
कहाँ से सीख ली तरक़ीब तुम ने
ज़रा सी बात पर नाराज़ होना
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