यार पैसा तो हम ने कमाया बहुत
और पानी के जैसे बहाएा बहुत
एक वा'दा किया साथ में साथ का
एकतरफ़ा ही उस को निभाया बहुत
मयकशी ही तो थी उम्र भर को रही
आपने तो उसे भी छुड़ाया बहुत
ऐ ख़ुदा पास आ कर के होना ज़ुदा
दर्द होता है हम को ख़ुदाया बहुत
एक उम्मीद पर जी गए ज़िंदगी
एक उम्मीद ने दिल दुखाया बहुत
रौशनी जिन के होते हुई थी कभी
उन दियों ने हमें फिर जलाया बहुत
रहगुज़र था मेरा राह में रह गया
ऐसे वैसों से तू ने मिलाया बहुत
— anupam shah















